चीन की एक अदालत ने जापान के सैकड़ों पर्यटकों और चीन की यौनकर्मियों के बीच सामूहिक सेक्स का आयोजन करने के लिए दो लोगों को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई है.
दक्षिणी चीन में सितंबर में हुए इस आयोजन में लगे 12 अन्य लोगों को 15 साल की जेल की सज़ा दी गई है.
चीन ने इंटरपोल से कहा है कि वह उन तीन जापानियों के विरुद्ध वारंट जारी करे जो लोग तीन रात चले इस आयोजन में शरीक़ हुए.
इस घटना के सामने आने के बाद चीन में काफ़ी नाराज़ग़ी है और ये ख़ास तौर पर इसलिए भी है क्योंकि ये 1931 में जापानी हमले की बरसी से जुड़ गया है.
शिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार होटल कर्मचारी ये झिआंग और यौनकर्मी मिंग झू को आजीवन कारावास की सज़ा दी गई और उनकी सारी संपत्ति कुर्क कर ली गई.
ग्रुप ऑर्जी कहा जा रहा यह आयोजन झूहाई इंटरनेशनल कॉंफ़्रेंस होटल में आयोजित हुआ जिसमें 400 जापानी पर्यटक शामिल हुए.
जापानी प्रतिक्रिया
अभी तक इस मामले में किसी जापानी को सज़ा नहीं हुई है.
शिन्हुआ के अनुसार तीन जापानियों की इस मामले में तलाश हो रही है. अभी तक ये स्पष्ट नहीं है कि ये लोग अभी कहाँ हैं हालाँकि पर्यटकों ने 18 सितंबर को ही चीन छोड़ दिया था.
जापान और चीन के बीच प्रत्यर्पण संधि नहीं है.साथ ही जापान भले ही इंटरपोल का सदस्य हो मगर वह उसका अनुरोध मानने के लिए बाध्य नहीं होगा.
इसलिए इसका फ़ैसला राजनयिक बातचीत के ज़रिए ही हो सकेगा.