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सद्दाम हुसैन से कड़ी अमरीकी पूछताछ

अमरीका का कहना है कि सद्दाम हुसैन जाँचकर्ताओं के साथ सहयोग नहीं कर रहे हैं.

रक्षा मंत्री डोनाल्ड रम्सफ़ेल्ड का कहना है कि जबकि गिरफ़्तारी के समय उन्होंने कोई प्रतिरोध नहीं किया था, अब वह जाँचकर्ताओं के साथ सहयोग नहीं कर रहे हैं.

उनका कहना था कि वकील सद्दाम हुसैन के क़ानूनी दर्जे के बारे में विचार-विमर्श कर रहे हैं लेकिन यह तय है कि वह युद्धबंदी होंगे और उनके साथ जिनेवा संधि के प्रावधानों के तहत ही बर्ताव किया जाएगा.

रम्सफ़ेल्ड ने यह नहीं बताया कि सद्दाम को कहाँ रखा गया है.

इराक़ी अधिकारियों के अनुसार सद्दाम हुसैन के साथ अब तक जो सवाल-जवाब हुए हैं उन्हें महज़ बयानबाज़ी बताया जा रहा है. जैसे, इराक़ी जनता बेड़ियों में है.

लेकिन सद्दाम ने सामूहिक विनाश के हथियारों की मौजूदगी से इनकार किया है.

अमरीकी रक्षा मंत्री का कहना है कि सद्दाम को किसी न किसी रूप में उनके अपराधों की जवाबदेही करनी होगी लेकिन यह कहना अभी जल्दबाज़ी होगी कि इंसाफ़ कहाँ और किसके ज़रिए होगा.

रम्सफ़ेल्ड का कहना है कि जो भी हो, इराक़ियों के दिल से यह दहशत निकल गई है कि सद्दाम हुसैन कभी वापस आएँगे.

उधर, अमरीका पर दबाव बढ़ रहा है कि सद्दाम हुसैन पर इराक़ में ही मुक़दमा चलाया जाए.

इराक़ की अंतरिम शासकीय परिषद के एक सदस्य अहमद चलाबी ने कहा है कि सद्दाम हुसैन पर उस विशेष न्यायलय में मुकदमा चलाया जाना चाहिए जो पिछले सप्ताह स्थापित किया गया है.