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ऐसे हुई सद्दाम हुसैन की गिरफ़्तारी

'ऑपरेशन रेड डाउन' उस अभियान का नाम है जिसके तहत सद्दाम हुसैन को गिरफ़्तार किया गया था.

गुप्तचर सूत्रों को शनिवार सुबह 10.50 बजे सद्दाम हुसैन के बारे में सूचना मिली थी.

लगभग 600 अमरीकी चौथी इंफेंट्री के सैनिकों ने अन्य गठबंधन सैनिकों के साथ उत्तरी इराक़ के शहर अल दौर की घेराबंदी कर दी.

ये कार्रवाई छुपने के दो स्थानों पर केंद्रित थे.

सैनिकों को दीवारों से घिरे एक छोटे से परिसर पर संदेह हुआ.

इस परिसर की तलाशी में सैनिकों को एक ईंटों से घिरा एक रास्ता नज़र आया.

सैन्य दृष्टि से आमूमन इससे कई सुरंगें जुड़ी होती हैं.

भूमिगत कोठरी

लगभग 08.30 बजे सैनिक इस रास्ते में घुसे और उन्होंने वहाँ सद्दाम हुसैन को छुपा पाया.

सद्दाम हुसैन ने 6 से 8 फुट ज़मीन के नीचे एक भूमिगत कमरे में अपने आपको छुपा रखा था.

इसमें केवल इतनी ही जगह थी कि एक आदमी ही आ सके.

इस अभियान की खासियत ये थी कि इस दौरान एक भी गोली नहीं दागी गई.

अमरीकी अधिकारियों का कहना है कि पकड़े जाने के बाद सद्दाम हुसैन बातचीत कर रहे थे और सहयोग दे रहे थे.

उनके कोई चोट नहीं लगी और वे स्वस्थ हैं.

सद्दाम हुसैन के अलावा अमरीकी सैनिकों ने साढे सात लाख डॉलर नगद, दो एके-47 मशीनगनें और एक पिस्तौल बरामद की.

सद्दाम हुसैन के अलावा उनके दो सहयोगी भी गिरफ़्तार किए गए.

इस परिसर में एक सफेद-नारंगी टैक्सी भी खड़ी पायी गई.

अमरीकी अधिकारियों का कहना है कि 2115 पर सद्दाम हुसैन को एक गुप्त ठिकाने पर ले जाया गया.

इसके बाद उनकी डॉक्टरी परीक्षण किया और उनका वीडियो टेप बनाया गया.