रूस में संसदीय आम चुनाव में मतदान शांतिपूर्वक पूरा हो गया है. चुनाव अधिकारियों के अनुसार मात्र 30 प्रतिशत मतदाता वोट करने के लिए सामने आए.
आरंभिक एग्ज़िट पोल में राष्ट्रपति पुतिन समर्थक युनाइटेड रूस पार्टी को काफ़ी आगे बताया गया है.
कम्युनिस्ट सत्ता समाप्त होने के बाद चौथी बार संसदीय चुनाव हो रहे हैं.
इन चुनावों में संसद के निचले सदन दूमा के लिए सदस्यों का चयन किया जाना है.
मॉस्को स्थिति बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इन चुनावों में युनाइटेड रशिया पार्टी की जीत साफ़ नज़र आ रही है.
ये पार्टी राष्ट्रपति पुतिन का समर्थन करती है. और इसे क्रेमलिन का समर्थन प्राप्त है.
साढे चार सौ स्थानों के लिए हो रहे इन चुनावों में 23 पार्टियाँ हिस्सा ले रही हैं.
विदेशी पर्यवेक्षकों का मानना है कि समाचार माध्यम खुल कर युनाइटेड रशिया पार्टी का पक्ष ले रहे हैं.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि दशकों से गिरते जीवन स्तर के कारण अनेक लोग चुनावों को लेकर उदासीन हैं और शायद वोट डालने भी न जाएँ.
एक रूसी मतदाता एलेंक्ज़ेडर लिखचोफ़ ने रॉयटर समाचार एजेंसी को बताया," मैं चुनाव की क्यों परवाह करूँ. सब पहले से ही तय है और कुछ नहीं बदलेगा."
चुनावों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.
इसी सप्ताह रूस में एक यात्री रेलगाड़ी में हुए बम धमाके में 42 लोग मारे गए थे.
यह धमाका दक्षिणी रूस में हुआ था और इस विस्फोट में 150 से अधिक लोग घायल भी हो गए थे.
जिस स्थान पर विस्फोट हुआ वह चेचेन्या के काफ़ी नज़दीक है जहाँ रूस की सरकार अलगाववाद की समस्या से जूझ रही है.