संयुक्त राष्ट्र ने अफ़ग़ानिस्तान में हुई उस घटना पर दुख व्यक्त किया है जिसमें ग़लत निशाने पर बमबारी के कारण नौ बच्चे मारे गए.
अमरीका ने ये स्वीकार किया था कि अफ़ग़ानिस्तान में ग़ज़नी शहर के पास ग़लत निशाने पर बमबारी के कारण नौ बच्चे मारे गए.
संयुक्त राष्ट्र ने इस घटना की जल्द से जल्द जाँच करवाने की माँग की है. अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी सेना ने इस घटना की जाँच के आदेश दे दिए हैं.
संयुक्त राष्ट्र के अफ़ग़ानिस्तान में विशेष दूत लख़दर ब्रैहिमी ने एक बयान में कहा कि इस घटना और इससे पहले हुई ऐसी ही वारदातों से भय और असुरक्षा बढ़ती है.
निशाना - तालेबान समर्थक
अमरीकी सेना के प्रवक्ता क्रिस्टोफर वेस्ट ने कहा है कि अमरीकी सैनिकों को सूचना मिली थी कि एक 'आतंकवादी' ग़ज़नी शहर के पास छुपा हुआ है.
अमरीकी सेना के इस निशाने का नाम तालेबान नेता मुल्ला वज़ीर के रूप में सामने आया है.
उसके बाद अमरीकी कमांडरों ने बमबारी के आदेश दे दिए.
लेकिन बाद में निशाना बनाई गई जगह से नौ बच्चों के शव बरामद किए गए. अमरीकी सैनिक प्रवक्ता ने इस पर खेद व्यक्त किया है.
उनका कहना था कि अमरीकी सेना को इस बात का अंदाज़ा नहीं था कि वहाँ बच्चे भी मौजूद हैं.
अफ़ग़ानिस्तान में सरकार के सूत्रों का कहना है कि ये घटना ग़लती से हुई है.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस घटना से स्थानीय लोगों में गुस्सा भड़क सकता है.
तीन सप्ताह पहले ग़ज़नी में संयुक्त राष्ट्र के एक कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई थी.
पिछले कुछ समय से ऐसी ख़बरें आ रही थीं कि अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान और अल-क़ायदा समर्थक फिर सक्रिय हो रहे हैं.
उनके ख़िलाफ़ अमरीकी सेना ने एक अभियान भी छेड़ा हुआ है.