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मुसावी के मामले में महत्वपूर्ण सुनवाई

अमरीकी न्याय विभाग ने अदालत से 11 सितंबर के हमलों के एक प्रमुख अभियुक्त ज़कारियास मुसावी को मौत की सजा दिए जाने की माँग करने का फ़ैसला किया है.

उल्लेखनीय है कि एक निचली अदालत ने व्यवस्था दी थी कि मुसावी को मौत की सजा नहीं दी जा सकती क्योंकि उनके मामले में अन्य अभियुक्तों से पूछताछ की इजाज़त नहीं दी गई.

वह अपने मामले में कई अन्य लोगों के साथ-साथ अल-क़ायदा संगठन के शीर्ष नेताओं में से एक खालिद शेख मोहम्मद से भी गवाही चाहते हैं.

ज़िला न्यायालय के इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अमरीका सरकार ने अपील की थी.

अमरीकी न्याय विभाग का तर्क है कि इस तरह की पूछताछ से देश की सुरक्षा ख़तरे में पड़ सकती है.

इनकार

मुसावी ने चरमपंथी संगठन अल-क़ायदा का सदस्य होना स्वीकार किया है, लेकिन 11 सितंबर के हमलों में हाथ होने से उन्होंने साफ़ इनकार किया है.

ताज़ा मामले में होने वाले फ़ैसले का दूरगामी प्रभाव होगा क्योंकि इससे आतंकवाद से जुड़े अन्य मामलों की कार्यवाही भी तय होगी.

तीन जज बुधवार को सरकार की अपील पर सुनवाई कर रहे हैं.

मुसावी फ़्रांसीसी नागरिक हैं.

ग्यारह सितंबर के हमले के संबंध में अमरीका में सिर्फ़ मुसावी पर ही मामला चल रहा है.

वाशिंगटन से बीबीसी संवाददाता जस्टिन वेब के अनुसार यदि सरकार इस बार अपनी अपील में क़ामयाब नहीं रही तो पूरा मामला दीवानी अदालत से लेकर सैन्य अदालत को दिया जा सकता है.