फ़्रांस में पेरिस की एक अदालत ने तीन फ़ोटोग्राफ़रों को राजकुमारी डायना और डोडी अल-फ़यद की निजी ज़िंदगी में ताँकझाँक करने के मामले में बेकसूर पाया है.
उन पर आरोप था कि 1997 में जिस दिन राजकुमारी डायना की मौत हुई उस दिन तीन फ़ोटोग्राफ़रों ने उनकी तस्वीरें खींचकर फ़्रांस के 'निजी ज़िंदगी की सुरक्षा क़ानून' का उल्लंघन किया.
ये मुकदमा राजकुमारी डायना के साथी डोडी अल फ़यद के पिता मोहम्मद अल फ़यद की उस याचिका के बाद चलाया गया जिसमें उन्होंने दावा किया था कि उनकी तस्वीरें नहीं खींची जानी चाहिए थीं.
मोहम्मद अल फ़यद के वकील पाँच दिन में इस आदेश के ख़िलाफ़ अपील कर सकते हैं.
तीनों पत्रकारों ने राजकुमारी डायना और डोडी अल फ़यद का उस रात कार से पीछा भी किया था जब उन दोनों की मौत हुई.
फ़ोटोग्राफ़रों के वकील ने कहा कि वे इस आदेश से ख़ुश हैं और ये प्रेस की आज़ादी की जीत है.
उनका कहना था कि वे लोग तो केवल अपना काम कर रहे थे और उस रात ली गई तस्वीरें कभी छापी नहीं गईं.
ये तीन फ़ोटोग्राफ़र उन नौ फ़ोटोग्राफ़रों में से हैं जिन पर पहले हत्या का आरोप लगा था लेकिन फिर इस मामले में उन पर मुकदमा नहीं चलाया गया.
पहले कहा गया था कि इन फ़ोटोग्राफ़रों की नज़र से बचने के लिए डायना के ड्राइवर ने गाड़ी तेज़ चलाई जिसकी वजह से उनकी दुर्घटना हुई.