अमरीका ने इराक़ में 3000 मरीन सैनिक और भेजने की घोषणा की है.
इराक़ में तैनात अमरीकी सैनिकों को अगले साल अमरीका बुलाकर उनकी जगह नए सैनिकों को भेजने की योजना है.
इस योजना के तहत एक लाख सैनिकों की तैनाती बदली जाएगी.
माना जाता है कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद से यह सबसे बड़ी सैन्य गतिविधि होगी.
नए मरीन सैनिक इस प्रक्रिया में सहायता करेंगे.
मरीन अमरीका की सेना के विशेष सैन्य दस्ते के सैनिक होते हैं.
एक ओर जहाँ इराक़ में अमरीकी फ़ौजों पर हमले बढ़े हैं वहीं अमरीकी सैन्य मुख्यालय लगातार इस बात से इंकार कर रहा है कि इराक़ में स्थिति बिगड़ रही है और इसी बीच और मरीन भेजने की घोषणा की गई है.
हालांकि पेंटागन ने अभी भी इस बात से इंकार किया है कि और सैनिकों को भेजने का निर्णय बढ़ते हमलों के चलते किया गया है.
बुधवार को ही इराक़ की राजधानी बग़दाद में रॉकेट या मोर्टार से इतालवी दूतावास पर हमला किया गया था. हालांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ था.
इससे एक हफ़्ते पहले ही इतालवी सैनिकों पर हुए हमले में 19 सैनिक मारे गए थे.
सैनिकों की तैनाती
इसी महीने की शुरुआत में अमरीका ने घोषणा की थी कि इराक़ में तैनात 1,30,000 सैनिकों की संख्या मई 2004 तक घटाकर 1,05,000 कर दी जाएगी.
लेकिन अब अमरीका ने मरीन सैनिकों की तीन बटालियनें इराक़ भेजने की तैयारी कर ली है.
हर बटालियन में 900 मरीन सैनिक होते हैं और कुछ सहायक भी होते हैं.
इस अतिरिक्त तैनाती का मतलब है कि मई में सैनिकों की संख्या घोषणा की तुलना में कम ही घटाई जाएगी.