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इराक़ी शिया नेता अमरीकी योजना से नाराज़

इराक़ के राजनीतिक भविष्य पर अमरीका के फ़ैसले को वहाँ के प्रमुख शिया नेता संशय की नज़र से देख रहे हैं.

समझा जा रहा है सबसे प्रमुख धार्मिक नेता आयतुल्लाह सिस्तानी इस फ़ैसले से काफी नाख़ुश हैं.

सबसे प्रमुख शिया राजनीतिक दलों में से एक के अध्यक्ष अब्दुल अज़ील अल हकीम ने उनकी ओर से एक बयान दिया.

उनका कहना था कि आयतुल्लाह का मानना है कि योजना में इराक़ी लोगों को समुचित प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया है और इसमें देश की इस्लामी पहचान को पूरी सुरक्षा प्रदान नहीं की गई है.

शिया नेताओं का यह भी कहना है कि यदि उनकी राय को स्थान नहीं मिला तो भारी समस्याएँ उठ खड़ी हो सकती हैं.

बीबीसी संवाददाता रोजर हार्डी का कहना है कि जब अमरीका की नियुक्त की हुई अतरिम सरकार के वर्तमान अध्यक्ष जलाल तालाबानी ने इस महीने के मध्य में इस नई योजना का ऐलान किया था तो वह बहुत ख़ुश नज़र आ रहे थे.

लेकिन तब से परिषद के भीतर ही इसे लेकर संशय उभरने लगा है.

कुछ सदस्य यह सोचने लगे हैं कि क्या वे ख़ुद को ही बाहर करने का मतदान तो नहीं कर रहे हैं?

सिस्तानी के एक सहयोगी ने कहा कि वह अपनी चिंताओं से प्रशासनिक समिति को अवगत करा रहे हैं.

उधर, ब्रिटेन के विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ ने कहा है कि इराक़ में सत्ता के हस्तांतरण से वहाँ सुरक्षा की स्थिति में सुधार होगा और अमरीका के नेतृत्व वाली सेनाओं को सशस्त्र विपक्षी बलों से निबटने में आसानी रहेगी.

उन्होंने कहा कि इराक़ियों को उनके भविष्य-निर्धारण में हिस्सेदारी देने और सुरक्षित राजनीतिक व्यव्सथा क़ायम करने से उनको भी यह एहसास होगा कि हिंसा का रास्ता अपनाने की ज़रूरत नहीं है.