तुर्की के इस्तांबुल शहर में पिछले सप्ताह हुए दो बम विस्फोटों के सिलसिले में नौ लोगों के ख़िलाफ़ मामले दर्ज किए गए हैं.
अनातोलिया समाचार एजेंसी के अनुसार मंगलवार को एक सुरक्षा अदालत ने इन नौ लोगों पर एक ग़ैर क़ानूनी संगठन से जुड़े होने, उसकी आर्थिक सहायता करने और उसे बढ़ावा देने के आरोप में मामला दर्ज किया.
इसी मामले में पिछले गुरुवार को गिरफ़्तार किए गए तीन अन्य लोगों को छोड़ दिया गया.
अल क़ायदा से जुड़े कई संगठनों ने इस्तांबुल में हुए विस्फोटों की ज़िम्मेदारी ली थी, जिनमें कम से कम 28 लोग मारे गए थे.
पिछले सप्ताह इस्तांबुल में ब्रिटेन के वाणिज्य दूतावास और एचएसबीसी बैंक की शाखा के बाहर हुए बम विस्फोटों के बाद 18 लोगों को गिरफ़्तार किया गया था.
लेकिन इनमें से नौ लोगों के ख़िलाफ़ ही मामला दर्ज किया गया है.
सुराग
इस्तांबुल के गवर्नर मुआम्मर गुलेर ने कहा है कि पुलिस ने ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास के बाहर हुए विस्फोट के सिलसिले में बहुत महत्वपूर्ण सुराग हासिल किए हैं.
उन्होंने कहा, "पुलिस ने ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास के बाहर हुए विस्फोट के मामले में दोषियों की पहचान कर ली है."
लेकिन उन्होंने किसी का नाम बताने से इनकार कर दिया.
हालाँकि तुर्की के एक बड़े अख़बार मिल्लियत का कहना है कि डीएनए टेस्ट से उस ड्राइवर का पता चल गया है जो विस्टोफटकों से भरा ट्रक चला रहा था.
अख़बार ने इस तुर्की व्यक्ति का नाम फ़ेरिदुन यूगुरलू बताया है और कहा है कि यह व्यक्ति अफ़ग़ानिस्तान और चेचन्या में भी लड़ चुका है.
पुलिस ने अभी तक इन रिपोर्टों की पुष्टि नहीं की है और मीडिया पर आरोप लगाया है कि जानकारी को लीक करके वह जाँच को प्रभावित कर रही है.
पहले फ़ेरिदुन के बारे में कहा गया था कि इस्तांबुल में ही कुछ दिनों पहले यहूदियों के उपासना स्थल पर हुए विस्फोट में भी उसकी भूमिका थी.
उन हमलों में भी कम से कम 23 लोग मारे गए थे.
तुर्की के अधिकारी भी यह मानते हैं कि आत्मघाती हमलावर तुर्की के ही नागरिक थे और उनका संबंध कट्टरपंथी इस्लामी संगठनों से था.