ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में एक प्रस्ताव पर अमरीका, ब्रिटेन, फ़्रांस और जर्मनी के बीच सहमति हो गई है.
इस प्रस्ताव के मसौदे पर ऑस्ट्रिया में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के बोर्ड की बैठक में चर्चा होगी.
ईरान के अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी में प्रतिनिधि अली अकबर सालेही ने इस प्रस्ताव के मसौदे पर संतुष्टी व्यक्त की है.
उनका कहना था कि अमरीका ये मामला सीधे सुरक्षा परिषद में ले जाना चाहता था लेकिन अब ऐसा नहीं होगा.
बुधवार को चर्चा
एक पश्चिमी देश के राजनयिक ने बीबीसी को बताया एजेंसी के बोर्ड के सदस्य बुधवार को इस प्रस्ताव पर चर्चा करेंगे.
माना जा रहा है कि ये प्रस्ताव एजेंसी के बोर्ड के सभी 35 सदस्यों को स्वीकार्य होगा.
एजेंसी की हाल की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि ईरान ने अपने यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम के बारे में जानकारी छिपाई और गुप्त तौर पर हथियारों में इस्तेमाल होने वाले प्लूटोनियम को विकसित किया.
लेकिन इस रिपोर्ट के बाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में प्रस्ताव पर प्रगति रुक गई थी.
अमरीका आरोप लगाता आया है कि ईरान गुप्त तौर पर परमाणु हथियार बना रहा है और चाहता है कि इस मामले में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद कार्रवाई करे.
लेकिन यूरोपीय देशों का तर्क था कि ऐसा कठोर कदम उठाने से ईरान अलग-थलग पड़ सकता है.
माना जा रहा है कि इस संबंध में जो सहमति हुई है उसमें ये प्रावधान भी है जिसके तहत यदि ईरान भविष्य में कोई उल्लघन करता है तो ये मामला सुरक्षा परिषद में ले जाया जा सकता है.