रूस की राजधानी मॉस्को में एक विश्वविद्यालय के हॉस्टल में आग लग जाने से कम से कम 32 छात्रों की मौत हो गई है और 139 घायल हैं.
कई छात्र हॉस्टल की इमारत से कूदने के कारण घायल हो गए हैं.
पीपुल्स फ़्रेंडशिप विश्वविद्यालय विदेशी छात्रों का है. इसके हॉस्टल में कई देशों के लगभग 300 छात्र रहते हैं.
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार माना जा रहा है कि मरने वाले अधिकतर छात्र अफ़्रीकी या एशियाई देशों के है.
मॉस्कों के दमकल कर्मचारियों के अनुसार आग सोमवार तड़के लगी और फिर हॉस्टल की इमारत की चार मंज़िलों में फैल गई थी.
दमकल कर्मचारियों ने इस इमारत को खाली करवा लिया है.
शॉट सर्किट
शुरुआती जाँच के मुताबिक़ माना जा रहा है कि एक कमरे में शॉट सर्किट के कारण हॉस्टल में आग लगी. इस कमरे में नाइजीरिया की तीन लड़कियाँ रह रही थी.
पीपुल्स फ़्रेडशिप विश्वविद्यालय का निर्माण 1960 में सोवियत नेता निकिता ख़ुर्शचेव के शासनकाल में हुआ था.
मास्को स्थित बीबीसी संवाददाता जोनाथन चार्ल्स का कहना है कि पिछले दशक के दौरान रूस में इस तरह की आग से मरने वालों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है.
उनका कहना है कि इमारतों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और उनकी मरम्मत न होने की वजह से इस तरह के हादसे हो रहे हैं.