फ्रांस के राष्ट्रपति ज़्याक शिराक ने अमरीका के उस प्रस्ताव की 'धीमी गति' की आलोचना की है जिसमें इराक़ में प्रशासन की ज़िम्मेदारी इराकियों को सौंपने की पेशकश की गई है.
फ्रांस ने इस पूरी प्रक्रिया को बहुत सुस्त बताया है.
इराक़ युद्ध के बाद पहली बार शिराक ने ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के साथ लंदन में बातचीत करने के बाद ये बातें कहीं.
उन्होंने बताया कि ये ठीक है कि उनके और ब्रितानी प्रधानमंत्री के विचार इराक़ मुद्दे पर एकदम अलग हैं लेकिन कई मामलों में साझा सोच भी है.
शिराक ने कहा कि मध्यपूर्व मामले में दोनों के विचार एक जैसे हैं.
उनकी इस बैठक में एक और महत्वपूर्ण मुद्दा यूरोपीय प्रतिरक्षा का रहा.
हालाँकि उन्होंने यूरोपीय रक्षा नीतियों पर सहयोग देते रहने की सहमति दे दी है लेकिन इस बारे में कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया कि नाटो के साथ साथ एक नई रक्षा प्रणाली कैसे काम करेगी.
दोनों ही नेताओं ने कहा है कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि वे आपस में एक समझौता ज़रूर करेंगे.
ज़्याक शिराक और टोनी ब्लेयर दोनों ने कहा कि पिछले साल तुर्की में हुए बम हमलों के बाद वे अंतरर्राष्ट्रीय आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ने को प्रतिबद्ध हैं.