इसराइल के प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन ने कहा है कि वह मध्यपूर्व शांति प्रक्रिया की शुरुआत के लिए एकतरफ़ा क़दम उठाए जाने पर विचार कर रहे हैं.
अपनी साप्ताहिक मंत्रिमंडलीय बैठक में उन्होंने यह तो स्पष्ट नहीं किया कि ये क़दम क्या होंगे, लेकिन यह ज़रूर कहा कि इससे इसराइल के लिए आसानी हो जाएगी और उसके हितों की रक्षा होगी.
इसराइली मीडिया की रिपोर्टों में कहा गया है कि शेरॉन ने अपनी योजनाओं के जो संकेत दिए उनमें कुछ बस्तियों को ख़ाली करने की भी बात थी.
लेकिन मंत्रिमंडल के बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री का क्या रवैया रहेगा यह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है.
उसमें यह भी कहा गया कि कोई भी योजना उचित समय आने पर मंत्रिमंडल के सामने रखी जाएगी.
भारी घरेलू दबाव
बीबीसी के यरुशलम संवाददाता का कहना है कि शेरॉन शांति प्रक्रिया में गतिरोध को दूर करने के लिए इसराइल में भारी दबाव का सामना कर रहे हैं.
कई इसराइली विश्लेषकों का कहना है कि शेरॉन, हो सकता है, अपने नेतृत्व में लोगों की गिरती हुई आस्था बरक़रार रखने के लिए इस तरह की कोशिश कर रहे हों.
इसराइल के सेना प्रमुख ने क़ब्ज़ा किए हुए क्षेत्रों में उनकी कड़ी नीतियों की आलोचना की है और शेरॉन, हो सकता है, 'जिनेवा समझौता' कहे जाने वाले एक वैकल्पिक शांति योजना से भी ख़तरा महसूस कर रहे हों जिसे इसराइली विपक्ष के कुछ नेताओं ने प्रस्तुत किया है.