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तुर्की में हमले के सिलसिले में गिरफ़्तारियाँ

तुर्की के विदेश मंत्री अब्दुल्ला गुल ने इस बात की पुष्टि की है कि गुरुवार को हुए विस्फोटों के सिलसिले में कई गिरफ़्तारियाँ की गईं हैं.

लेकिन उन्होंने इस बारे में और जानकारी देने से इनकार कर दिया.

अब्दुल्ला गुल ब्रिटेन के विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ के साथ एक संवाददाता सम्मेलन संबोधित कर रहे थे.

उनका कहना था कि जाँच के परिणाम जल्द ही सामने आएँगे.

गुरुवार को इस्तांबुल में हुए हमलों में ब्रिटेन के वाणिज्य दूत रॉजर शॉर्ट सहित 27 लोग मारे गए थे और 400 से भी ज़्यादा लोग घायल हुए थे.

इन हमलों की जाँच में ब्रिटेन का आतंकवाद विरोधी दस्ता तुर्की के अधिकारियों की मदद कर रहा है.

अधिकारियों का मानना है कि इन हमलों के पीछे अल क़ायदा और उसके सहयोगी संगठनों का हाथ हो सकता है.

हमलों की आशंका

इधर, ब्रिटेन और अमरीका ने तुर्की में और हमलों की आशंका व्यक्त की है.

ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय का कहना है कि उन्हें तुर्की में ऐसे और हमलों की विशेष सूचनाएँ मिलीं हैं.

ब्रिटेन और अमरीका ने अपने नागरिकों को तुर्की की यात्रा से बचने की भी सलाह दी है.

दूसरी ओर तुर्की के प्रधानमंत्री रज्जब तय्यब एर्दोगान ने कहा है कि उनकी सरकार आतंकवाद का सामना दृढ़ता से करेगी.

उन्होंने कहा कि हमलावरों ने मुसलमानों के पवित्र महीने रमज़ान को 'रक्तरंजित' किया है.

एर्दोगान ने कहा,"हमलावरों को आख़िरी दम तक नहीं छोड़ा जाएगा."

'सभ्यता पर हमला'

ब्रिटेन के विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ ने इस्तांबुल के बम धमाकों को पूरी सभ्यता पर हमला बताया है.

जैक स्ट्रॉ का कहना था कि इस्तांबुल में हुए हमले दिखाते हैं कि सम्य दुनिया के आगे ख़तरा है और इससे उसे मिल कर निपटना होगा.

स्ट्रॉ ने कहा, "ऐसे हमले करनेवाले लोग नफ़रत से भरे हुए हैं और वे कट्टरपंथी हैं."

लंदन-स्थित एचएसबीसी बैंक और इस्तांबुल में ब्रिटेन का वाणिज्य दूतावास इन धमाकों का मुख्य निशाना थे.

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी इन हमलों की निंदा करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया है.

इससे पहले संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने कहा था कि हमलावरों ने दिखा दिया है कि वे इंसानों की ज़िंदगी की इज़्ज़त नहीं करते.

यूरोपीय संघ के अध्यक्ष देश इटली के प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी ने कहा है कि नफ़रत और भय फैलानेवालों की रणनीति जारी नहीं रह सकेगी.

उत्तर अटलांटिक सैनिक संगठन नाटो के महासचिव जॉर्ज रॉबर्टसन ने कहा है कि इस हमले के बाद इस बात का महत्व और बढ़ गया है कि आतंकवाद का सामना करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय एकजुट हो.