दक्षिण अफ़्रीका में सरकार ने 50 लाख से भी ज़्यादा एड्स रोगियों को मुफ़्त में दवा देने संबंधी एक योजना को मंज़ूरी दे दी है.
मगर देश की स्वास्थ्य मंत्री ने चेताया है कि अभी भी एड्स का सामना करने के लिए बहुत कुछ किया जाना बाक़ी है.
दक्षिण अफ़्रीका सरकार पर आरोप लगते रहे हैं कि वह एड्स से लड़ने के लिए पर्याप्त क़दम नहीं उठा रही जबकि वहाँ एड्स रोगियों की संख्या दुनिया भर में सबसे ज़्यादा है.
बुधवार को जिस योजना को मंज़ूरी दी गई है उसके तहत सरकार पूरे देश में ऐसे केंद्र बनाएगी जहाँ से इन दवाओं का वितरण किया जाएगा.
एड्स रोग के बारे में अभियान चलानेवालों ने सरकार के फ़ैसले का स्वागत किया है.
योजना
देश की स्वास्थ्य मंत्री मांटो शबालाला एम्सिमाँग ने बताया है कि एक साल के भीतर देश के लगभग 50 स्वास्थ्य ज़िलों में दवा वितरण केंद्र खोला जाएगा.
उन्होंने कहा कि इस योजना को लागू करने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में बड़े पैमाने पर सुधार की ज़रूरत होगी.
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इसके लिए बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति करनी होगी और उनको प्रशिक्षण देना पड़ेगा.
साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा,"मैं झूठी आशा नहीं दिलाना चाहती मगर एक फ़ैसला किया गया है और उम्मीद भी नज़र आ रही है".
बचाव
दक्षिण अफ़्रीकी मंत्री ने बताया कि सरकार इस रोग से बचाव और इससे प्रभावित होनेवाले परिवारों की सहायता के लिए कार्यक्रमों में भी तेज़ी लाएगी.
सरकार ने इस साल अगस्त महीने में पूरी दुनिया में प्रचलित एड्स निरोधी उपचार कार्यक्रम को मान्यता दी थी और स्वास्थ्य अधिकारियों से एक योजना बनाने के लिए भी कहा था.
ये कार्यक्रम विलियम जैफ़रसन क्लिंटन फ़ाउंडेशन की सहायता से तैयार किया गया था और इसका मसौदा पिछले सप्ताह दक्षिण अफ्रीका के मंत्रिमंडल के सामने रखा गया.
जोहानसबर्ग में बीबीसी संवाददाता का कहना है कि एड्स निरोधी दवाओं की लागत में कमी आना सरकार की नीति में बदलाव का एक बहुत बड़ा कारण है.
दक्षिण अफ़्रीका में लगभग 53 लाख लोगों के एचआईवी और एड्स से संक्रमित होने का अनुमान है.
बताया जाता है कि हर साल यहाँ लगभग 600 लोगों की इस रोग से जान चली जाती है.