वर्ल्ड टॉयलेट ऑर्गेनाइज़ेशन या विश्व शौचालय संगठन ने शौचालयों की साफ़-सफ़ाई का एक अभियान शुरू किया है.
सिंगापुर स्थित इस संगठन ने बुधवार को विश्व शौचालय दिवस से पहले सिफ़ारिशों की एक सूची जारी की है.
सूची में इस्तेमाल से पहले और बाद में टॉयलेट सीट को पोंछने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया गया है.
सिंगापुर की रेस्टरूम ऐसोसियेशन के अध्यक्ष जैक सिम ने कहा, यदि हर व्यक्ति इसमें अपना योगदान दे तो सार्वजनिक शौचालय भी बेहतर हो सकते हैं और लोग भी ख़ुश रहेंगे.
संस्था लोगों से शहर के पब्लिक शौचालयों के बारे में ईमेल या फ़ैक्स से टिप्पणियाँ भेजने को कह रही है.
संस्था का कहना है, "चाहे तारीफ़ हो या बुराई. इस्तेमाल करने वाले को पूरा हक़ है कि वह अपनी राय से अवगत कराए".
विश्व शौचालय संगठन अन्य देशों को भी प्रेरित कर रहा है कि वह सार्वजनिक शौचालयों के बारे में अपने लोगों की राय जानने का प्रयास करें.
इस बारे में जो भी क़दम उठाए जाएँगे उनकी अगले साल बेइजिंग में होने वाले सम्मेलन में समीक्षा होगी.
सिंगापुर साफ़-सफ़ाई को बहुत अहमियत देता है और यह उसके एजेंडा पर काफ़ी ऊपर है.
विश्व शौचालय सम्मेलन
वर्ष 2001 के अंत में जब दुनिया अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद की समस्या से जूझ रही थी, सिंगापुर ने पहले विश्व शौचालय सम्मेलन की मेज़बानी की.
तीन दिन चले इस सम्मेलन में पंद्रह देशों के लगभग दो सौ प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था.
जून में सिंगापोर ने हैप्पी टॉयलेट अभियान चलाया जिसमें बेहतरीन सार्वजनिक शौचालयों को पाँच सितारे दे कर सम्मानित किया गया.
तय हुआ कि सिंगापुर के सत्तर हज़ार सार्वजनिक शौचालयों की समय-समय पर जाँच होगी.
जो सफ़ाई की दृष्टि से सही पाए जाएँगे उनके बाहर एक तख़्ती लगाई जाएगी जिस पर यह अंकित होगा कि उन्हें किस दर्जे में रखा गया है.
सबसे अच्छे टॉयलेट को पाँच सितारे दिए जाएँगे. यानी जहाँ माहौल भी अच्छा हो, पौधे लगे हों, चित्र टँगे हों, वग़ैरह...
तीन सितारे उस टॉयलेट को दिए जाएँगे जहाँ निरंतर सफ़ाई होती हो और टॉयलेट पेपर, साबुन और काग़ज़ के नैपकिन आदि का पूरा इंतज़ाम हो.
यही नहीं, जो टॉयलेट ये सम्मान पाएँगे उन्हें साल में एक बार होने वाली सिंगापुर लू ऑफ़ द ईयर प्रतियोगिता मे हिस्सा लेने का भी मौक़ा मिलेगा.