ब्रिटेन में सुरक्षा सेवाओं को बेहद चौकस कर दिया गया है.
उनकी चौकसी दूसरे सर्वाधिक स्तर पर कर दी गई है.
बीबीसी को पता चला है कि ख़ुफ़िया विभाग को अल क़ायदा के चरमपंथी हमले की ख़बर मिली है जिसके बाद ही ये क़दम उठाया गया है.
मगर बताया जा रहा है कि इस चौकसी का अमरीकी राष्ट्रपति के दौरे से कोई लेना-देना नहीं है.
जॉर्ज बुश अगले सप्ताह ब्रिटेन के दौरे पर आ रहे हैं.
चौकसी का स्तर बढ़ाए जाने के बाद उन जगहों पर सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है जो हमलों का निशाना बन सकते हैं.
मगर सूत्रों के अनुसार ख़ुफ़िया विभाग को किसी निश्चित हमले की जानकारी नहीं मिली है.
अभूतपूर्व
आधिकारिक तौर पर ब्रिटेन को 'हाई एलर्ट' रखा गया है मगर सुरक्षा से जुड़े संगठनों के लिए चौकसी का स्तर थोड़ा बढ़ाया गया है.
इसक मतलब होगा कि पुलिस, सेना और यहाँ की घरेलू गुप्तचर संस्था एमआई 5 को और सतर्क रहने को कहा गया है.
बीबीसी की गृह मामलों की संवाददाता का कहना है कि सुरक्षा संस्थाओं को इस तरह से चौकस बहुत कम ही किया जाता है.
संवाददाता मार्गरेट गिलमोर ने कहा है,"ये चेतावनी सुरक्षा सेवाओं के लिए है ना कि आम लोगों के लिए. आम लोग इस बारे में ज़्यादा कुछ कर भी नहीं सकते".
ब्रिटेन सरकार ने इस सिलसिले में कोई बयान देन से इनकार कर दिया है.
गृह मंत्रालय का कहना है कि इस संबंध में जानकारी को तब तक सार्वजनिक नहीं किया जाता जब तक ख़तरे का ठीक-ठीक पता नहीं हो.