इराक़ के शहर नासिरिया में इतालवी सेना के मुख्यालय पर एक आत्मघाती बम हमला हुआ है.
विस्फोट में इटली के 14 सुरक्षाकर्मियों समेत कम-से-कम 25 लोग मारे गए हैं.
एक पुलिस प्रवक्ता के अनुसार इस हमले में आठ इराक़ी नागरिक भी मारे गए हैं.
इटली के राष्ट्रपति ने इस घटना के बाद कहा है कि उनका देश अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई जारी रखेगा.
इराक़ के दक्षिणी हिस्से में इटली के लगभग ढाई सौ सैनिक मौजूद हैं.
इराक़ में बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इराक़ में इस साल मई में सैनिक कार्रवाई के समाप्त होने के बाद से नासिरिया में पहली बार ऐसा हमला हुआ है.
विस्फोट
नासिरिया में इतालवी सेना के मुख्यालय के बाहर हुआ विस्फोट इतना ताक़तवर था कि वहाँ से दूर मक़ानों की खिड़कियाँ टूट गईं.
साथ ही पास खड़े वाहनों में भी आग लग गई.
इस विस्फोट के बाद इटली में राष्ट्रीय शोक के तौर पर देश की संसद स्थगित कर दी गई.
इस बीच इराक़ में अमरीका की ओर से गठित शासकीय परिषद के प्रमुख ने देश में जल्दी-से-जल्दी एक अस्थायी सरकार नियुक्त किए जाने की माँग की है.
अस्थायी सरकार
इराक़ में गठित शासकीय परिषद के प्रमुख जलाल तालाबानी ने इराक़ में एक अस्थायी सरकार बनाए जाने की माँग की है.
उन्होंने कहा है कि इराक़ में नए संविधान को बनाए जाने से पहले ऐसी सरकार का गठन ज़रूरी है.
ये माँग ऐसे समय आई है जब इराक़ में अमरीकी प्रशासक पॉल ब्रेमर अचानक वाशिंगटन रवाना हो गए जहाँ व्हाइट हाउस में उनकी बैठक हुई है.
लेकिन यह नहीं बताया गया है कि राष्ट्रपति बुश से उनकी मुलाक़ात हुई कि नहीं या उनकी बैठक में क्या बातचीत हुई.
महत्वपूर्ण फ़ैसले की उम्मीद
बीबीसी के वाशिंगटन संवाददाता का कहना है कि पॉल ब्रेमर का तत्काल अमरीका जाने से ऐसा लगता है कि कुछ महत्वपूर्ण फ़ैसले लिए जा रहे हैं.
संवाददाता के अनुसार इस बात पर संदेह है कि शासकीय परिषद देश में 15 दिसंबर तक नए संविधान और चुनाव के बारे में अपनी योजना की घोषणा कर पाएगा.
संयुक्त राष्ट्र ने नए संविधान और इराक़ में चुनाव कराए जाने के संबंध में योजना की घोषणा के लिए 15 दिसंबर तक की समयसीमा तय कर रखी है.