एक ओर अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए ने अपनी नई रिपोर्ट में कहा है कि इराक़ में लोगों की नाराज़गी इसलिए बढ़ती जा रही है क्योंकि इराक़ के भविष्य को लेकर अमरीकी नेतृत्व वाली फ़ौजों के पास कोई योजना नहीं है.
दूसरी ओर अचानक वॉशिंगटन पहुँचे इराक़ के अमरीकी प्रशासक पॉल ब्रेमर ने कहा है कि वे राष्ट्रपति बुश का यह संदेश लेकर जा रहे हैं कि वे इराक़ियों को सत्ता सौंपने की योजना पर क़ायम हैं.
एक अख़बार में प्रकाशित हुई रिपोर्ट के मुताबिक़ सीआईए ने कहा है कि इराक़ी लोग अमरीकी नेतृत्व वाली सेना पर विश्वास खो रहे हैं और वे वहाँ बढ़ रहे हमलों का समर्थन कर रहे हैं.
यह रिपोर्ट गोपनीय थी और इसमें कहा गया है कि इराक़ में अमरीकी कार्रवाई अब अंतिम छोर की ओर पहुँच रही है.
अमरीकी ख़ुफ़िया विभाग के एक अधिकारी ने बीबीसी को इस रिपोर्ट की पुष्टि की है.
इस अधिकारी का कहना था कि यह चेतावनी देने वाली एक रिपोर्ट है और इसे पिछले चार से छह सप्ताह में मिली ख़ुफ़िया सूचनाओं के आधार पर तैयार किया गया है.
बीबीसी संवाददाता निक चाइल्ड्स का कहना है कि यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब बुश प्रशासन इराक़ को लेकर सकारात्मक संकेत देने वाले बयान दे रहा था.
ब्रेमर बुश से मिले
दूसरी ओर इराक़ में अमरीकी प्रशासक पॉल ब्रेमर ने अचानक वॉशिंगटन पहुँचकर राष्ट्रपति बुश से मुलाक़ात की है.
उनकी इस मुलाक़ात का मुद्दा इराक़ियों को सत्ता सौंपने की योजना ही थी.
उन्होंने कहा कि वे राष्ट्रपति बुश का यह संदेश लेकर जा रहे हैं कि अमरीका इराक़ियों को सत्ता सौंपने की अपनी योजना पर क़ायम है.
राष्ट्रपति बुश से मिलने के बाद पत्रकारों से हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि इराक़ियों को वैसे भी ज़िम्मेदारी सौंपी जा रही है.
हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि इराक़ में परिस्थिति कठिन है.
उन्होंने राष्ट्रपति बुश के साथ हुई अपनी बातचीत का ब्यौरा नहीं दिया.