लंदन पर इस्लामी चरमपंथियों के हमले की आशंका अन्य पश्चिमी नगरों के मुक़ाबले कहीं ज़्यादा है.
एक ताज़ा अध्ययन में यह तथ्य सामने आया है.
कंट्रोल रिस्क ग्रुप के इस अध्ययन में कहा गया है कि इराक़ में ब्रिटेन की भूमिका और ब्रिटेन में मुसलमानों की बड़ी आबादी के मद्देनज़र वहाँ किसी आत्मघाती हमले की गंभीर आशंका दिखती है.
कुल 195 देशों के लिए तैयार वर्ष 2004 के रिस्क मैप में ग्रुप ने लंदन को कम से मध्यम ख़तरे की आशंका वाले जगहों में रखा गया है.
शेष ब्रिटेन को कम ख़तरे वाले समूह में रखा गया है.
कंट्रोल रिस्क ग्रुप के रिसर्च डाइरेक्टर जैक स्ट्रैटन ने कहा, "लंदन पश्चिमी यूरोप में चरमपंथियों के हमले का प्रमुख लक्ष्य बन गया है."
उनके अनुसार हाल के वर्षों इस्लामी जगत में में ब्रिटेन की छवि अमरीका के प्रमुख सहयोगी के रूप में बन कर उभरी है.
एकमात्र ब्रितानी लक्ष्य
स्ट्रैटन ने कहा कि अमरीका पर भी चरमपंथी हमलों का ख़तरा बना हुआ है लेकिन वहाँ चरमपंथियों के संभावित लक्ष्य पूरे देश में हैं, न कि कोई ख़ास नगर.
उन्होंने कहा कि अमरीका के विपरीत ब्रिटेन में लंदन ही एकमात्र नगर है जिसका बड़ा राजनीतिक महत्व है और इस कारण यह चरमपंथियों का ख़ास निशाना है.
अध्ययन में इसराइल में आत्मघाती बम हमले की एक योजना में दो ब्रितानी युवकों के शामिल होने का ज़िक्र करते हुए कहा गया है कि ब्रिटेन में चरमपंथी सक्रिय हैं.