जापान के प्रधानमंत्री जुनीचिरो कोईज़ुमी ने कहा है कि वे आर्थिक सुधारों का कार्यक्रम जारी रखेंगे. उन्होंने यह बात देश के आम चुनावों में मिली जीत के बाद कही.
प्रधानमंत्री कोईज़ुमी और उनकी लिबरल डेमोक्रेटक पार्टी के लिए ये चुनाव बहुत अच्छे नहीं रहे हैं.
एलडीपी को 480 सीटों वाली संसद में 237 सीटें मिली हैं, जो पिछली बार से दस सीट कम हैं.
तीन निर्दलीय उम्मीदवारों के समर्थन के बावजूद भी वे बहुमत के आँकड़े से एक सीट कम होंगे.
अपने सहयोगी दल - कोमितो और न्यू कॉन्सरवेटिक पार्टी - की मदद से प्रधानमंत्री कोईज़ुमी सरकार तो बना लेगें लेकिन इन्हें ख़ुश रखने के लिए उन्हें कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी.
दूसरी ओर विपक्ष के हाथ इन चुनावों में मज़बूत हुए हैं.
पिछली बार के मुक़ाबले डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ़ जापान ने इस बार 40 अधिक सीटें जीती हैं.
अब संसद में उसकी 177 सीटें हैं और पार्टी एलडीपी के मुख्य विकल्प के रूप में उभर रही है.
पिछले पचास वर्षों में जापान में एलडीपी का एकछत्र राज रहा है.
कोईज़ुमी खुश
प्रधानमंत्री कोईज़ुमी ने कहा कि वे चुनावों में मिले समर्थन से खुश हैं.
उन्होंने कहा, "इस समर्थन ने मुझे आर्थिक सुधार जारी रखने की हिम्मत दी है."
लेकिन जानकारों का कहना है कि उनके लिए ऐसा करना बहुत आसान नहीं होगा.
उनके अनुसार प्रधानमंत्री का गठबंधन सुधारवादियों और रूढ़िवादियों के बीच बंटा हुआ है.
इन दोनों गुटों को उम्मीद थी कि जापानी अर्थव्यवस्था में सुधार वोटों में बदल जाएगी.
लेकिन ऐसा न होने के बाद शायद वह ज़्यादा सावधानी बरतेंगे.
प्रधानमंत्री कोइज़ुमी ने ढाई साल पहले सत्ता संभालने पर आर्थिक सुधार का एक व्यापक कार्यक्रम चलाया था.
उनकी पार्टी में कट्टरपंथी नेताओं ने इस सुधार कार्यक्रम का विरोध किया था.
बीबीसी संवाददाता जोनाथन हेड के अनुसार इन नतीजों से डेमोक्रेटिक पार्टी को लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के विकल्प के रूप में देखा जाएगा.