इराक़ पर अमरीकी हमले का हिस्सा रही एक सैनिक ने आरोप लगाया है कि अमरीकी सेना ने अपने मक़सद का प्रचार करने के लिए उनका इस्तेमाल किया.
इराक़ पर हमले के दौरान एक महिला सैनिक जेसिका लिंच को बंदी बना लिया गया था.
जब रिहा किया गया तो उन्हें नसीरिया के एक अस्पताल ले जाते समय अमरीकी सैनिकों का वीडियो दिखाया गया था.
उस समय इस घटना ने काफ़ी तूल पकड़ा था. उस घटना के बाद अब जेसिका ने किसी टेलीविज़न चैनल को अपना पहला इंटरव्यू दिया है.
बीस वर्षीय जेसिका लिंच ने इराक़ी सैनिकों के हाथों अपने बंधक बनाए जाने के बारे में झूठ बोलने पर अमरीकी सेना की आलोचना की है.
नाराज़गी
एबीसी टेलीविज़न चैनल को दिए इंटरव्यू में जेसिका ने कहा है कि उन्हें रिहा किए जाने की घटना की फ़िल्म बनाए जाने की कोई ज़रूरत नहीं थी.
जेसिका ने यह भी कहा है कि चिकित्सा जाँच से यह पुष्टि हुई है कि उनके साथ बलात्कार किया गया था.
23 मार्च को नसीरिया के निकट एक अमरीकी क़ाफ़िले पर हमला किया गया था जिसमें जेसिका को बंदी बना लिया गया था. उन्हें कुछ चोटें भी आई थीं.
अमरीकी रक्षा मंत्रालय ने उस समय कहा था कि जेसिका इराक़ी सैनिकों को गोलीबारी में घायल हो गई थीं और अपना गोली-बारूद समाप्त होने तक उन्होंने मुक़ाबला किया था.
लेकिन उस समय 19 साल की जेसिका ने कहा था कि वह ग़लत समय पर ग़लत स्थान पर फँस गई थीं और उनकी बंदूक इस अफ़रा-तफ़री में नाकाम हो गई थी.
"मैं ऐसे किसी भी काम का श्रेय नहीं लेना चाहती हूँ जो मैंने किया ही नहीं."
जेसिका ने कहा, "मैंने तो एक भी गोली नहीं चलाई, मैं प्रार्थना करने के लिए झुक गई थी, बस वही मुझे याद है."
पहले की ख़बरों में यह भी कहा गया था कि जेसिका लिंच के साथ अस्पताल में भी दुर्व्यवहार किया गया था.
लेकिन जेसिका ने कहा कि ऐसी ख़बरें भी झूठी थीं और उनके साथ कोई दुर्व्यवहार नहीं किया गया.
"यहाँ तक कि एक नर्स मेरा मन बहलाने के लिए गाना भी गाती थी."
जेसिका ने हालाँकि अपनी रिहाई के लिए अमरीकी सैनिकों का शुक्रिया अदा किया लेकिन यह पूछे जाने पर कि क्या वे इस मामले में पेंटागन के रवैये से परेशान हुई हैं तो जेसिका का कहना था, "हाँ, मुझे बुरा लगा. पेंटागन ने मुझे अपने मक़सद के लिए इस्तेमाल किया. यह बिल्कुल ग़लत है."
जेसिका की आत्मकथा में भी इस घटना का ज़िक्र किया गया है.