इराक़ में अंतरिम शासकीय परिषद के अध्यक्ष जलाल तालाबानी ने पड़ोसी देशों से अपील की है कि वे 'आतंकवादियों' को इराक़ में प्रवेश करने से रोकें.
उनका कहना था कि 'आतंकवादी' उनके देश में सीरिया, सऊदी अरब और ईरान से घुस रहे हैं और इन देशों को अपनी सीमाओं पर चौकसी बढ़ानी चाहिए.
उन्होंने कहा कि वे यह आरोप नहीं लगा रहे कि ये देश घुसपैठ करवा रहे हैं मगर ये देश घुसपैठ रोकने में असफल ज़रूर रहे हैं.
ऐसे संकेत भी मिल रहे हैं कि अमरीका इराक़ियों को वहाँ की सुरक्षा व्यवस्था में और भूमिका देने की ओर क़दम उठा रहा है.
इराक़ में बढ़ी हिंसक घटनाओं और हमलों में अंतरराष्ट्रीय रेड क्रास, इराक़ में संयुक्त राष्ट्र के दफ़्तर और कई अन्य इमारतों को निशाना बनाया गया है.
अमरीका की कोशिश से गठित शासकीय परिषद ने इन हमलों के लिए अरब घुसपैठियों और अल-क़ायदा सदस्यों को दोषी ठहराया है.
इराक़ियों की भूमिका बढ़ेगी
उधर सीरिया ने अमरीका से अनुरोध किया है कि वह इराक़ से अपने सैनिक हटा ले.
सीरिया के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता का कहना था कि इराक़ पर अमरीकी कब्ज़े के कारण ही वहाँ ऐसी घटनाएँ हो रही हैं.
दूसरी ओर संकेत मिल रहे हैं कि अमरीका इराक़ी नागरिकों को देश की सुरक्षा में अधिक भूमिका देने की ओर बढ़ रहा है.
अमरीकी अख़बार वॉशिंगटन पोस्ट के अनुसार इराक़ में अमरीकी प्रशासक पॉल ब्रेमर ने इराक़ियों के नेतृत्व वाले सुरक्षा बल के गठन की अनुमति दे दी है.
ये सुरक्षा बल उन हमलावरों को पकड़ने की कोशिश करेगा जो अमरीका के नेतृत्व वाली गठबंधन सेनाओं पर हमले कर रहे हैं.
अधिकारियों के अनुसार इस सुरक्षा बल में इराक़ के पूर्व सैनिक और गुप्तचर एजेंसियों के कर्मचारी रहेंगे.