यूरोपीय संघ के नेताओं ने इस जनमत संग्रह पर अंचभा ज़ाहिर किया है जिसके मुताबिक लगभग साठ प्रतिशत यूरोपीय नागरिकों का मानना है कि इसराइल विश्व शांति के लिए ख़तरा है.
इस सर्वेक्षण में दूसरा स्थान अमरीका, उत्तर कोरिया और ईरान को मिला है.
यह जनमत संग्रह यूरोपीय आयोग ने कराया था और इसके तहत साढ़े सात हज़ार लोगों से बात की गई थी.
यूरोपीय संघ के हर सदस्य राष्ट्र से पाँच-पाँच सौ लोगों को इसमें शामिल किया गया था.
ब्रिटेन में ज़्यादा
विश्लेषकों के मुताबिक हैरानी की बात यह थी कि ऐसा मानने वालों में फ़्रांस और जर्मनी के बजाय ब्रिटेन के लोगों की तादाद ज़्यादा थी.
यूरोपीय आयोग के प्रवक्ता ग्रास्मोस टॉमस का कहना है कि इस सर्वेक्षण से आयोग की मध्यपूर्व से संबद्ध नीति में कोई बदलाव नहीं आएगा.
आयोग के अध्यक्ष रोमानो प्रोदी ने कहा है कि इस सर्वेक्षण से पूर्वाग्रह का आभास होता है और उसकी भर्त्सना की जानी चाहिए.
हालाँकि लगता नहीं है कि इससे इसराइल को कोई तसल्ली मिलेगी.
कई इसराइली मंत्रियों और अधिकारियों ने इस रिपोर्ट पर आक्रोश ज़ाहिर किया है.
उधर, यूरोपीय संघ के वर्तमान अध्यक्ष इटली के प्रधानमंत्री सिल्वियो बरलुस्कोनी ने इसराइली प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन को टेलीफ़ोन कर इस रायशुमारी पर दुख और हैरानी ज़ाहिर की है.