अमरीकी संसद ने राष्ट्रपति जॉर्ज बुश को इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान के लिए आपातकालीन कोष के इस्तेमाल की अनुमति दे दी है.
ये धनराशि लगभग 50 अरब डॉलर है और इसमें से तीन चौथाई हिस्सा इराक़ में सैन्य अभियान की मदद के लिए दिया जाएगा.
इसका एक छोटा हिस्सा अफ़ग़ानिस्तान में भी खर्च किया जाएगा.
साथ ही 18 अरब से अधिक की राशि इराक़ के पुनर्निर्माण पर ख़र्च की जाएगी.
अमरीका की दूसरे विश्व युद्ध के बाद अब तक की ये सबसे बड़ी ऐसी योजना है.
अपील मानी
अमरीकी संसद ने राष्ट्रपति बुश की अपील पर ध्यान दिया और आधे से अधिक पुनर्निमाण की राशि को कर्ज़ में नहीं बदला.
इसके पहले अमरीकी सीनेट ने इराक़ के पुनर्निर्माण के लिए दी जाने वाली राशि में से आधी को कर्ज़ में तब्दील करने की बात कही थी.
सीनेट का कहना था कि यदि दुनिया के बाक़ी देश इराक़ की पुरानी सरकार पर बक़ाया अपना कर्ज़ माफ़ करने के लिए तैयार हो जाते हैं तो यह कर्ज़ अनुदान में बदला जा सकता है.
दूसरी ओर बुश प्रशासन ने इसका विरोध करते हुए कहा था कि इस कर्ज़ से पहले से कर्ज़ में डूबे इराक़ पर बोझ बढ़ जाएगा.
साथ ही अरब देशों को अमरीका के इरादों पर शक करने का एक और मौक़ा मिल जाएगा.
रविवार को इराक़ में एक अमरीकी हैलीकॉप्टर को मार गिराया गया था जिसमें सवार पंद्रह अमरीकी सैनिक मारे गए थे.
राष्ट्रपति बुश का कहना है कि इन आक्रामक कार्रवाइयों के बावजूद अमरीकी सैनिक इराक़ में बने रहेंगे.