अमरीका के ऐंग्लिकन चर्च में पहले समलैंगिक पादरी जीन रॉबिन्सन की धार्मिक कार्यक्रम के अनुसार विधिवत नियुक्ति हो गई है.
अमरीका के न्यू हैम्पशायर राज्य के डरहम शहर में एक खेल के मैदान में हुए इस कार्यक्रम में लगभग चार हज़ार लोगों ने हिस्सा लिया जिसमें 50 बिशप भी शामिल थे.
इस कार्यक्रम के दौरान उनका विरोध भी हुआ और लोगों ने कहा कि इससे ऐंग्लिकन चर्च में विभाजन का ख़तरा उत्पन्न हो गया है.
उनकी नियुक्ति का नाइजीरिया के चर्च ने भारी विरोध किया है.
नाइजीरिया का चर्च सबसे बड़ा ऐंग्लिकन चर्च है.
जीन रॉबिन्सन के कार्यक्रम के दौरान तीन लोगों को अपनी आपत्ति उठाने की अनुमति दी गई थी.
इनमें एक महिला भी थीं और उनका कहना था कि इससे एंग्लिकन चर्च बिरादरी बँट जाएगी बल्कि ईश्वर का दिल भी टूट जाएगा.
कुछ अन्य विरोधियों ने नज़दीक के अन्य चर्च में प्रार्थनासभा में हिस्सा लिया.
जीन रॉबिन्सन के समर्थकों का कहना है कि इससे चर्च में और लोग शामिल हो सकेंगे और ये एक ईमानदार प्रयास होगा.
नियुक्ति
जीन रॉबिन्सन पिछले 15 वर्षों से अपने पुरुष साथी के साथ रह रहे हैं.
यहाँ तक कि उनकी नियुक्ति को लेकर मतदान किया गया जिसमें विभिन्न बिशपों ने उनकी नियुक्ति के पक्ष में मतदान किया था.
यहाँ तक कि ऐंग्लिकन चर्च के प्रमुख ऑर्कबिशप ऑफ़ कैनटरबरी से हस्तक्षेप की माँग की गई थी.
जीन रॉबिन्सन पर समलैंगिक संबंध रखने और सेक्स संबंधी अनुचित आचरण के भी आरोप लगे थे.
लेकिन उन्हें इनसे मुक्त कर दिया गया था.
ब्रिटेन में भी समलैंगिक बिशप की नियुक्ति को लेकर भारी विवाद चल रहा है.
समलैंगिक जैफ़्री जॉन बिशप नियुक्त होने वाले थे और इस पर काफ़ी हंगामा मचा था.