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अल क़ायदा की मदद के जुर्म में 20 साल कैद

अमरीका में एक ट्रक चालक को अल क़ायदा की मदद करने और न्यूयॉर्क में एक पुल को निशाना बनाने के लिए 20 साल की कैद की सज़ा सुनाई है.

अमरीकी न्यायालय में बताया गया कि 34 वर्षीय ट्रक चालक आइमन फ़ारिस को ख़ालिद शेख मोहम्मद से निर्देश मिले थे.

अमरीका पर ग्यारह सितंबर के हमलों के मामले में अमरीकी अधिकारियों को ख़ालिद शेख मोहम्मद पर शक है.

अमरीकी न्यायलय ने फ़ारिस को 'आतंकवाद की मदद' और षड्यंत्र रचने का दोषी पाया.

किताब लिखना चाहते थे

उन्होंने पहले ये षड्यंत्र रचने और 'आतंकवादियों' को मदद देने का दोष स्वीकार किया था लेकिन फिर इस बात से फिर गए थे.

लेकिन अमरीकी जज ने उन्हें दोष अस्वीकार कर देने के उनके अनुरोध को नहीं माना.

उन्होंने न्यायालय में ज़ोर देकर कहा, "मेरा अल क़ायदा से कोई संबंध नहीं है. संबंध है तो केवल इतना कि मेरा सबसे प्रिय दोस्त अल क़ायदा के लिए काम करता है."

उनका कहना था कि वे तो केवल अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी एफ़बीआई की आँख में धूल झोंकना चाहते थे ताकि वे एक किताब लिख सकें.

अमरीकी अधिकारियों का आरोप है कि फ़ारिस ओसामा बिन लादेन से कई साल पहले मिले थे.

उनका ये भी आरोप है कि फ़ारिस ने अल क़ायदा सदस्यों को 'स्लीपिंग बैग', मोबाइल फ़ोन और पैसे भी दिए.

फ़ारिस ने सन 2002 के अंत में न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन पुल की निरीक्षण किया था और फिर अधिकारियों के अनुसार अल क़ायदा नेताओं को सूचना भेजी थी - "मौसम बहुत गर्म है."