अमरीका के विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल ने रेड क्रॉस से आग्रह किया है कि वह इराक़ से वापस आने का फ़ैसला ना करे.
उन्होंने कहा है कि ऐसा करने से आतंकवादियों की जीत होगी.
अमरीकी मंत्री सोमवार को बग़दाद में हुए लगातार हमलों के बाद रेड क्रॉस से ये आग्रह किया है.
मुसलमानों के पवित्र रमज़ान महीने के पहले ही दिन लगभग एक साथ हुए कई विस्फोटों में 34 लोग मारे गए और 200 से ज़्यादा घायल हो गए.
हमला बग़दाद में रेड क्रॉस के मुख्यालय पर भी हुआ था.
इसके बाद संस्था ने कहा कि वह इराक़ में अपना काम जारी रखने के बारे में फिर से विचार करेगी.
आग्रह और चेतावनी
अमरीकी विदेश मंत्री ने रेड क्रॉस से इराक़ ना छोड़ने की अपील करते हुए कहा कि इराक़ को उनकी ज़रूरत है.
उन्होंने कहा कि इराक़ छोड़ना एक तरह से आतंकवादियों की जीत होगी.
उन्होंने कहा,"हम उम्मीद करते हैं कि इराक़ में काम करनेवाले कॉन्ट्रैक्टर,ग़ैर-सरकारी संगठन, रेड क्रॉस और संयुक्त राष्ट्र अपनी सुरक्षा के बारे में सोच विचार करेंगे और हमें आशा है कि वे अपना काम जारी रखेंगे. उनकी, उनके काम की वहाँ ज़रूरत है और अगर वे वहाँ से हटे तो आतंकवादियों की जीत होगी".
राष्ट्रपति बुश की तरह कॉलिन पॉवेल ने भी ज़ोर दिया कि अमरीका इराक़ के पुनर्निमाण का काम जारी रखेगा.
राष्ट्रपति बुश ने इससे पहले कहा था कि हिंसा की इन घटनाओं से यही पता चलता है कि इनके पीछे जो लोग हैं वे इराक़ की स्थिरता को लेकर हुई प्रगति से कितने हताश हो रहे हैं.
मगर वाशिंगटन स्थित बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इन हमलों से इस धारणा को और बल मिलता है कि इराक़ में स्थिति बेहतर नहीं हो रही बल्कि बिगड़ रही है.