अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा है कि अमरीका इराक़ में लगातार हमलों और विस्फोटों के बावजूद वहाँ अपना अभियान पूरा करके ही रहेगा
सोमवार को राजधानी बग़दाद में हुए लगातार कई विस्फोटों पर बुश ने कहा कि अमरीका ऐसे हमलों के बावजूद इराक़ में स्वतंत्र और स्थायित्व का मौहाल बनाने के लिए कृतसंकल्प है.
इन विस्फोटों में 34 लोग मारे गए और 200 से ज़्यादा घायल हो गए.
इराक़ में अमरीकी प्रशासक पॉल ब्रेमर से बात करने के बाद बुश ने कहा कि जिन लोगों ने ये विस्फोट किए हैं वे यह नहीं जानते कि उन्होंने किन लोगों की जान ली है.
"उनका मक़सद सिर्फ़ आतंक और भय का माहौल बनाना था."
लेकिन वाशिंगटन में मौजूद बीबीसी संवाददाता का कहना है सोमवार के हमलों से एक बार फिर यह पुष्टि हुई है कि इराक़ में हालात बहुत ख़राब हैं और दिन ब दिन ख़राब होते जा रहे हैं.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के प्रवक्ता ने भी इन विस्फोटों की निंदा की है.
इराक़ की शासकीय परिषद के सदस्य अदनान पचाची ने कहा है कि इन धमाकों से इराक़ में विदेशी सेनाओं की मौजूदगी की अवधि बढ़ जाएगी.
रेड क्रास परेशान
इन हमलों में अंतरराष्ट्रीय रेडक्रॉस को की इमारत को भी निशाना बनाया गया.
रेडक्रॉस के एक प्रवक्ता ने इन हमलों के बाद कहा कि संगठन इराक़ में अपने कर्मचारियों की मौजूदगी पर फिर से विचार कर रहा है.
इन घटनाओं इस संस्था के दो इराक़ी कर्मचारी मारे गए.
रेडक्रॉस की एक प्रवक्ता ने कहा कि उन्हे समझ नहीं आ रहा कि दशकों तक इराक़ी लोगों की मदद करने के बावजूद उनकी संस्था को निशाना क्यों बनाया गया है.
उनका कहना था कि रेड क्रास के इराक़ में रहने या वहाँ से बाहर चले जाने पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है लेकिन इन घटनाओं के बाद स्थिति पर दोबारा विचार किया जाएगा.