इराक़ में पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन के सत्ता से हटाए जाने के बाद से राजधानी बग़दाद में सबसे भयंकर बम विस्फोट हुए हैं.
मुसलमानों के पवित्र महीने रमज़ान के पहले दिन सोमवार को हुए अनेक बम विस्फोटों ने शहर को हिलाकर रख दिया है.
एक के बाद एक करके आधे घंटे के अंदर हुए इन विस्फोटों में कम से कम 34 लोग मारे गए हैं और 200 से ज़्यादा घायल हो गए.
पहला विस्फोट सुबह नौ बजे एक कार बम के ज़रिए अंतरराष्ट्रीय रेड क्रास की इमारत के बाहर हुआ.
इस धमाके में कम से कम दस लोग मारे गए और इससे आसपास के कई वाहनों में आग लग गई.
बताया जा रहा है कि ये पास से गुज़रने वाले लोग थे.
इस इलाक़े में दमकल कर्मचारी तुरंत पहुँचे और अमरीकी सेना ने इस क्षेत्र की घेराबंदी कर दी.
इसके थोड़ी देर बाद शहर के उत्तर पूर्वी इलाक़े में एक पुलिस स्टेशन पर धमाका हुआ.
इसमें भी आठ लोगों के मारे जाने की ख़बर है जिनमें अधिकांश रूप से इराक़ी पुलिस के जवान थे.
तीसरा धमाका उद्योग मंत्रालय के निकट हुआ.
इसके पहले रविवार को बग़दाद में उस होटल पर रॉकेटों से हमले किए गए थे जिसमें अमरीकी रक्षा उप मंत्री पॉल वुल्फ़ोवित्च ठहरे थे.
अल रशीद नाम के होटल की ओर निशाना साधकर एक के बाद एक कई रॉकेट चलाए गए.
इस हमले में एक अमरीकी कर्नल की मौत हो गई थी और 15 से ज़्यादा लोग घायल हो गए थे.
हमले में पॉल वुल्फ़ोवित्च को कोई चोट नहीं आई.
हमले के बाद वुल्फ़ोवित्च काफ़ी घबराए नज़र आए.
इस होटल में बड़ी संख्या में अमरीकी और इराक़ी अधिकारी रह रहे थे.