अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने ग़ज़ा पट्टी में अमरीकी वाहनों के काफ़िले पर हुए बम हमले की निंदा की है.
इस विस्फोट में तीन अमरीकियों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हो गया.
उन्होंने इस घटना के लिए फ़लस्तीनी प्रशासन के चरमपंथियों से सख़्ती से न निपट पाने को दोषी ठहराया है.
राष्ट्रपति बुश ने आरोप लगाया कि फ़लस्तीनी नेता यासिर अराफ़ात अब भी संशोधनों की राह में बाधा बने हुए हैं.
अराफ़ात ने इस हमले को एक भीषण अपराध की संज्ञा दी है.
यूरोपीय संघ ने अराफ़ात से अनुरोध किया है कि वे अपराधियों सज़ा दिलाएँ और ये भी कहा है कि केवल निंदा करने से काम नहीं चलेगा.
तबाही
इसराइली रेडियो के अनुसार काफ़िले में अमरीकी निगरानी दल और अमरीकी केंद्रीय जाँच एजेंसी सीआईए के अधिकारी शामिल थे.
फ़लस्तीनी सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार काफ़िले में शामिल दूसरा वाहन पूरी तरह नष्ट हो गया.
अधिकारियों के अनुसार काफ़िले में अमरीकी दूत जॉन वोल्फ़ के कार्यालय के लोग शामिल थे. वोल्फ़ ख़ुद इस समय क्षेत्र में नहीं हैं.
विस्फोट ग़ज़ा पट्टी में एक किलोमीटर भीतर एरेज़ क्रॉसिंग के पास हुआ.
फ़लस्तीनी नेताओं ने हमले की निंदा की है. प्रधानमंत्री अहमद क़ुरई ने इसकी जाँच की घोषणा की है.