इस्लामी देशों का संगठन इराक़ में एक सम्मिलित सैनिक दल भेजने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है.
मलेशिया में चल रहे इस्लामी देशों के शिखर सम्मेलन में यह प्रस्ताव पाकिस्तान ने रखा है.
पिछले तीन वर्षों में यह इस्लामी देशों की सबसे बड़ी बैठक है.
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान इससे पहले इराक़ में सैनिक भेजने के अमरीकी आग्रह को ठुकरा चुका है.
बैठक स्थल पुत्रजया से बीबीसी संवाददाता जोनाथन केंट के अनुसार पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने कहा है कि उन्हें इस समय इराक़ में अमरीकी सैनिकों का कोई विकल्प नहीं दिखता.
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव या सीधे इराक़ियों के आग्रह के बिना उनका देश इराक़ में अपने सैनिक नहीं भेजेगा.
विरोध
ग़ौरतलब है कि अब तक अमरीका ने मुस्लिम देशों में सिर्फ तीन पाकिस्तान, बांग्लादेश और तुर्की से इराक़ में सेना भेजने का आग्रह किया है.
इनमें से मात्र तुर्क़ी ने अपने सैनिक भेजने की हामी भरी है, लेकिन इराक़ी शासकीय परिषद ने देश में तुर्क़ सैनिकों को तैनात किए जाने का विरोध किया है.
परिषद इराक़ में किसी पड़ोसी देश के सैनिकों की तैनाती नहीं चाहती.
इसलिए अब इस्लामी सम्मेलन संगठन के बैनर तले इराक़ में सैनिकों की तैनाती का विचार सामने आया है, लेकिन यदि संगठन ने अमरीकी नियंत्रण पर कोई सवाल उठाया तो अमरीका शायद ही इस प्रस्ताव को स्वीकार करे.
सम्मेलन ने बैठक में इराक़ियों को भी आमंत्रित किया है.