संयुक्त राष्ट्र ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल के बाहर भी अंतरराष्ट्रीय शांति सेना की तैनाती को मंज़ूरी दे दी है.
अब तक अंतरराष्ट्रीय शांति सेना राजधानी काबुल में ही तैनात थी.
उत्तरी अटलांटिक सैन्य संगठन (नैटो) काबुल के अलावा कुछ अन्य प्रांतों में भी सेना भेजना चाहता है.
सबसे पहले शांति सैनिक कुंदूज़ भेजे जाने की योजना है.
अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई काफ़ी समय से इसकी माँग करते आए हैं ताकि उनका नियंत्रण काबुल के बाहर भी बढ़ सके.
कुछ समय से कुछ प्रांतों में तालेबान समर्थक नियमित रूप से हमले कर रहे हैं.
शांति सेना
तालेबान शासन के ख़ात्मे के बाद 2001 में 4500 सैनिकों वाले शांतिरक्षक बल का गठन किया गया था.
इसे अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल नाम दिया गया था.
इस बल की कमान हर छठे महीने बदलती है.
नैटो के 19 सदस्य देशों ने सर्वसम्मति से अफ़ग़ानिस्तान में शांतिरक्षक बल की ज़िम्मेदारी उठाने का फ़ैसला किया था.
कोई 29 देशों के सैनिक इस समय अफ़ग़ानिस्तान में शांति सुनिश्चित करने के लिए तैनात किए गए इस बल में सैन्य योगदान दे रहे हैं.
अभी तक इस बल का कार्य क्षेत्र राजधानी काबुल और उसके आसपास के इलाक़े भर था.