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जापान में संसद भंग; चुनाव 9 नवंबर को

जापान के प्रधानमंत्री जुनिचिरो कोइज़ुमी ने देश की संसद भंग कर मध्यावधि चुनावों की घोषणा की है.

ये चुनाव 9 नवंबर को होंगे. वैसे वर्तमान संसद का कार्यकाल अगले साल जून में समाप्त होना था.

जानकारों का कहना है कि प्रधानमंत्री अपनी लोकप्रियता को वोटों में भुनाने की कोशिश कर रहे हैं.

संसद के कुल 480 सदस्यों में से केवल 233 उनकी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी या एलडीपी के हैं.

हालांकि सहयोगी पार्टियों के समर्थन से उन्हें बहुमत तो हासिल है लेकिन सिर्फ़ चार सदस्यों का.

टोक्यो से बीबीसी संवाददाता चार्ल्स स्केन्लन का कहना है कि इस बार प्रधानमंत्री कोइज़ुमी पूर्ण बहुमत पाने की कोशिश करेंगे.

आर्थिक सुधार

लगभग दो साल पहले जब प्रधानमंत्री कोइज़ुमी ने सत्ता संभाली थी तो जापान राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितता के दौर से गुज़र रहा था.

उन्होंने दोनो ही क्षेत्रों में सुधार की बात की, लेकिन ऐसे सुधारों की गति बहुत धीमी रही.

एक साल के भीतर ही उनकी लोकप्रियता 90 प्रतिशत से घट कर 40 प्रतिशत हो गई.

लेकिन जापानी अर्थव्यवस्था में सुधार ने उनके समर्थकों की संख्या फिर बढ़ा दी है.

बीबीसी संवाददाता के अनुसार एलडीपी को चुनावों में इसका फ़ायदा ज़रूर मिलेगा.

शुक्रवार को मंत्रिमंडल ने संसद भंग करने का प्रस्ताव जापान नरेश अकीहितो के सामने रखा.

उनकी अनुमति मिलते ही इसे संसद में पेश कर दिया गया.