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एचआईवी विभीषिका की चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष की एक नई रिपोर्ट के अनुसार हर 14 सेकेंड में दुनिया में कोई न कोई व्यक्ति एचआईवी वायरस से संक्रमित होता है. और 15 से 24 साल के 6000 युवा प्रतिदिन एचआईवी का शिकार बनते हैं.

एचआईवी संक्रमित लोगों की जमात में जुड़ने वाल नए लोगों में आधे 25 साल से कम आयु के युवा होते हैं. इन युवाओं में बड़ी संख्या विकासशील देशों में रहने वाली महिलाओं की होती है.

जनसंख्या कोष के कार्यकारी निदेशक थोराया अहमद ओबैद ने कहा कि एड्स की 'अंतरराष्ट्रीय विभीषिका' से निपटने के लिए एक आपात योजना की ज़रूरत है.

उन्होंने कहा कि 15 साल से कम आयु के दुनिया भर के सवा करोड़ से भी ज़्यादा बच्चे एड्स के कारण अपने माता-पिता में से एक या दोनों को खो चुके हैं.

युवाओं की बीमारी

रिपोर्ट में इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि ग़रीबी, अशिक्षा और ख़राब सुविधाओं से एचआईवी के प्रसार में बढ़ावा मिलता है.

ओबैद ने कहा, "एड्स युवाओं की बीमारी बन गई है. ग़रीबी, स्त्री-पुरुष भेदभाव और सूचना और सेवा के अभाव से इसको बढ़ावा मिल रहा है."

रिपोर्ट में कहा गया है कि एचआईवी संक्रमित तीन व्यक्तियों में दो महिलाएँ हैं.

'विश्व योजना की स्थिति' नामक रिपोर्ट के अनुसार दुनिया की आधी आबादी 25 साल से कम आयु के लोगों की है और इनमें से 87 प्रतिशत विकासशील देशों में रहते हैं.

दुनिया की एक चौथाई आबादी ग़रीबी का जीवन जी रही है, यानी उनकी रोज़ाना की आय एक डॉलर से भी कम है.