भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री मुरली मनोहर जोशी का कहना है कि उत्तर प्रदेश में हाल में बनी मुलायम सिंह यादव की सरकार की पहली बड़ी परीक्षा अगले सप्ताह तब होगी जब विश्व हिंदू परिषद अपने मंदिर अभियान को शुरू करेगी.
विश्व हिंदू परिषद ने 12 अक्टूबर को दिल्ली, लखनऊ और अयोध्या में अपने सदस्यों और राम मंदिर के पक्षधरों को बुलाया है.
मुरली मनोहर जोशी ने पेरिस में विशेष बातचीत में कहा, "पिछली बार मुलायम सिंह ने ऐसी भीड़ पर गोली चलवा दी थी और बेहद सख्ती से पेश आए थे. इस बार हमें देखना है कि वो कैसे स्थिति को संभालेंगे."
मुरली मनोहर जोशी ने एक महत्वपूर्ण इशारा भी किया कि विश्व हिंदू परिषद के कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के भी सदस्य बड़ी संख्या में भाग ले सकते हैं.
डॉ जोशी ने कहा," ये कार्यक्रम वीएचपी का है और बीजेपी का इसमें कोई हाथ नहीं है. यदि कोई बीजेपी का कोई सदस्य जो वीएचपी का भी सदस्य है और अगर वो मंदिर निर्माण में भाग लेना चाहें तो उस पर कोई पाबंदी नहीं है."
उनका कहना था ये निर्णय तो सदस्य खुद करेगा.
मानन संसाधन मंत्री ने इस बात से इनकार किया कि मायावती सरकार को गिराने को लेकर बीजेपी और समाजवादी पार्टी का कोई समझौता हुआ था.
"हमने न तो सरकार को गिरने से पहले और न ही सरकार के गिरने के बाद मुलायमजी से कोई बात नहीं की थी. वो अपनी सरकार चला रहे हैं और हम देखेंगे की वो कैसे चलते हैं."
मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि बीजेपी उत्तर प्रदेश में अगले लोक सभा चुनावों के दौरान न तो बहुजन समाज पार्टी से और न ही दूसरी पार्टी से समझौता करेगी.
उम्मीद
उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले लोक सभा चुनाव में बीजेपी और उसके अन्य सहयोगी दल फिर से सत्ता में आएँगे.
"हमने जो काम पिछले पाँच वर्षों में किए हैं, वो पिछले 50 वर्षों में नहीं हुए हैं. हमें कोई शक नहीं है कि हमारी सरकार प्रधानमंत्री वाजपेयी के नेतृत्व में सत्ता में लौट कर आएगी."
चार राज्यों में होनेवाले विधानसभा चुनावों के बारे में उन्होंने भविष्यवाणी करने से इनकार किया और कहा कि सब जगह टक्कर बीजेपी और काँग्रेस के बीच है.
उनका कहना था कि कुछ जगह काँग्रेस को बढ़त मिलेगी तो कुछ जगह बीजेपी आगे होगी.