इस गांव में कोई चप्पल नहीं पहनता, कोई अस्पताल नहीं जाता
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वीडियो में दिख रहे इस गांव में अगर ज़िला मजिस्ट्रेट को भी आना है तो उन्हें अपने जूते-चप्पल गाँव के बाहर ही उतारने पड़ेंगे.
इस गाँव के लोग सैंडिल-जूते नहीं पहनते हैं, चाहे वो गाँव के अंदर हो और चाहे वो कहीं बाहर जा रहे हों.
यहाँ तक कि बहुत दूर कहीं जाना हो तो भी वे जूते-चप्पल नहीं पहनते हैं. इस गांव में दलितों को आने की भी इजाज़त नहीं है. सिर्फ़ इतना ही नहीं ये गांव कई मायनों में अलग है.
देखिए इस गांव की कहानी.
रिपोर्टर- तुलसी प्रसाद रेड्डी
कैमरा- सुधा पोला
एडिटिंग- चिंता श्रीनिवास
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