जलीकट्टू ने बदली इनकी ज़िंदगी
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तमिलनाडु की ट्रांसजेंडर महिला चिंतामणि साल 2017 में अपने बैल को पहली बार जल्लीकट्टू प्रतियोगिता में लेकर गई थीं.
तब से उनकी पहचान एक ट्रांस महिला से बदलकर एक बहादुर तमिल महिला की हो गई.
वो अपने बैलों को अपना बेटा कहती हैं. देखिए नटराजन सुंदर की ये रिपोर्ट.
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