चीन और सऊदी अरब की बढ़ती क़रीबी के मायने

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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सऊदी अरब की तीन दिन की यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई सामरिक समझौतों पर दस्तख़त हुए हैं, जिनमें चीन की बड़ी टैक कंपनी ख़्वावे भी शामिल है.

शी जिनपिंग और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने निवेश के 34 समझौतों का एलान किया.

जिसमें हाइड्रोजन एनर्जी से हाउसिंग तक काफी कुछ शामिल है. चीन, सऊदी अरब का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है.

पिछले साल दोनों देशों के बीच सतासी अरब डॉलर्स से ज़्यादा का व्यापार हुआ. शी जिनपिंग ने आज राजधानी रियाद में गल्फ़ और अन्य अरब नेताओं से भी मुलाकात की है.

इस घटनाक्रम से अमेरिका की फ़िक्र बढ़ गई है और अमेरिका समझना चाहता है कि मिडिल ईस्ट में चीन आख़िर करना क्या चाहता है.

अमेरिका का कहना है चीन के बढ़ते असर की वजह से इलाके में स्थिरता के लिए ख़तरा बढ़ रहा है.

इस समझौतों के बारे में मिडिल ईस्ट एंड नॉर्थ अफ्रीका, यूरेशिया ग्रुप के प्रमुख अयहम कामेल का ये कहना है.

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