बाहुबली और सिंघम जैसी फ़िल्में इन कलाकारों के बिना बेदम रह जातीं

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फॉली आर्टिस्ट वो कलाकार होते हैं जो फ़िल्मों में इस्तेमाल होने वाली दैनिक चीज़ों की आवाज़ को आवाज़ देते हैं. ये कलाकार पर्दे के पीछे रहकर हर उस चीज़ की आवाज़ बनते हैं जो हमें पर्दे पर दिखाई देती हैं.

मसलन, बाहुबली में घोड़े का दौड़ने की आवाज़, तलवारों के टकराने की आवाज़, पायल की आवाज़, पंछियों के उड़ने की आवाज़. ये काम सुनने में जितना रोचक लग रहा है, उसे पर्दे के लायक एक साकार रूप दे पाना उतना ही मुश्किल है.

वीडियोः मधु पाल, बीबीसी हिंदी के लिए

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