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''ट्रैक्टर चलाया तो ऐसा लगा जैसे मुझे पंख लग गए हों''
इंद्रा कोई आम महिला नहीं है. अगर आज भी आप भारत के ज़्यादातर गांवों में झांककर देखेंगे तो ट्रैक्टर पर मर्द नज़र आएंगे.
लेकिन उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड में एक गांव ऐसा है, जहां आपको ट्रैक्टर पर एक महिला नज़र आएंगी. ये महिला ना सिर्फ ट्रैक्टर चलाती हैं, बल्कि सारी खेतीबाड़ी संभालती है, जो आम तौर पर पुरुष देखते हैं.
इसके अलावा जब इंद्रा राजपूत इस बारे में बात करना शुरू करती हैं, तब अहसास होता है कि उनकी सोच बाकी दुनिया से कितनी अलग है. और उनकी हिम्मत अब दूसरों को सीख दे रही है.
रिपोर्ट: नीतू सिंह
एडिट: सदफ़ ख़ान
प्रोड्यूसर: सुशीला सिंह
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