नीतू घनघस के बॉक्सिंग रिंग तक पहुंचने का सफ़र
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किसी खिलाडी के लिये उसके परिवार का सपोर्ट कितना अहम होता है, इसका अंदाजा भारत की बॉक्सर नीतू घनघस की कहानी से आता है.
नीतू को मुक्केबाजी के गुर सिखाने के लिए उनके पिता को भी काफी मुश्किलें झेलनी पड़ीं, लेकिन वो हर वक्त अपनी बेटी का साथ देते रहे.
महज 21 साल की नीतू अब कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिये तैयार हैं.
बीबीसी संवाददाता जान्हवी मुले ने नीतू से बातचीत की.
एडिटिंग: राहुल रणसुभे
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