छत्तीसगढ़ में एक साल से आंदोलन क्यों कर रहे हैं आदिवासी?
प्रकाशित
बस्तर के घोर नक्सल प्रभावित सुकमा के तिम्मेर में अर्ध सैनिक बलों के कैंप के विरोध में आदिवासियों के आंदोलन को एक साल से भी ज़्यादा हो गया है.
दिल्ली की सरहदों पर किसानों के प्रदर्शन के बाद ये दूसरा ऐसा आंदोलन है जो एक साल से ज़्यादा समय से चल रहा है. वो भी घने जंगलों के अन्दर.
पिछले साल कैम्प का विरोध कर रहे आदिवासियों पर पुलिस की कार्रवाई में तीन ग्रामीण मारे गए थे. घटना के बाद से आन्दोलन ने तूल पकड़ लिया.
आदिवासियों का कहना है कि कैंप की वजह से जंगल कट रहे हैं और निर्दोष लोगों को नक्सली बताकर जेल भेजा जा रहा है.
बस्तर के सुलगते सुकमा के इलाके से बीबीसी संवाददाता सलमान रावी की रिपोर्ट.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)