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उत्तर प्रदेश के डिजिटल चौपाल का हाल बेहाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2014 को लाल किले से भारत के गांवों में बसने वाली जनता को एक सपना दिखाया. डिजिटल इंडिया का सपना.
प्रधानमंत्री मोदी की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत देश के हर गांव को इंटरनेट से जोड़ने की बात कही गई.
इसके करीब 10 महीने बाद जुलाई 2015 में प्रधानमंत्री मोदी ने डिजिटल इंडिया प्रोग्राम की शुरुआत की.
इस योजना के तहत देश के हर गांव तक इंटरनेट पहुंचाने की समय सीमा साल 2019 तक थी. जिसे अब बढ़ाकर साल 2025 कर दिया गया है.
इस योजना को छह साल से भी अधिक समय हो चुका है लेकिन भारत के गांव पूरी तरह इंटरनेट से नहीं जुड़ पाए.
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश भारत का वो राज्य है जहां सबसे अधिक 34358 ग्राम पंचायतों में इंटरनेट पहुंचाया गया है. हालांकि यूपी के ललितपुर, महोबा और चित्रकूट ज़िलों में आधुनिक बदलाव की यह योजना दम तोड़ती नज़र आती है.
यहां हमने उन ग्राम पंचायतों का जायजा लिया जो सरकारी काग़ज़ों पर वाईफ़ाई सर्विस रेडी हैं. लेकिन यहां के लोगों को यह नहीं पता कि उनके गांव में ऐसी कोई सुविधा भी है.
देखिए बीबीसी संवाददाता ब्रजेश मिश्र की रिपोर्ट.
वीडियो: शुभम कौल
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