You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
लखीमपुर हिंसा: मारे गए किसान और बीजेपी वर्कर के परिवार का दर्द
पिछले साल 3 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में एक थार जीप ने चार किसानों और एक पत्रकार को कुचलकर मार डाला था.
इस घटना के बाद गुस्साई भीड़ ने उस थार गाड़ी के ड्राइवर और दो भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को पीट-पीटकर मार डाला था. इस घटना के बाद लखीमपुर खीरी लगातार सुर्खियों में बना रहा.
और इस इलाके में 23 फरवरी को होने वाले मतदान से पहले इस मामले की गूँज चुनाव प्रचार में ज़ोर-शोर से सुनाई दे रही है. लेकिन उन परिवारों का क्या जिन्होंने अपनों को खोया और आज भी इंसाफ का इंतज़ार कर रहे हैं.
बीबीसी संवाददाता राघवेंद्र राव और वीडियो जर्नलिस्ट शुभम कौल ने यही जानने के कोशिश की.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)