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सुपरसोनिक फ़ाइटर जेट में बैठना इतना मुश्किल क्यों होता है?
बीबीसी संवाददाता बेहोश होने से पहले किस हद तक जी-फ़ोर्स का सामना कर सकती हैं? इससे पहले ये समझ लेते हैं कि जी-फ़ोर्स होता क्या है?
जी-फ़ोर्स एक्सलरेशन या रफ़्तार के माप के लिए है. 1G वो एक्सलरेशन या गति/दबाव है, जो हम गुरुत्वाकर्षण या ग्रेविटी की वजह से महसूस करते हैं. ये वही है, जो हमारे कदम मज़बूती से ज़मीन पर जमाए रखती है.
ग्रेविटी या गुरुत्वाकर्षण को मीटर प्रति सेकेंड स्कवेयर से आंका जाता है. बीबीसी सोल संवाददाता लॉरा बिकर ने हाल में सुपरसोनिक फ़ाइटर जेट में बैठकर आसमान की सैर की. वो दक्षिण कोरिया की सैन्य क्षमता बढ़ाने से जुड़ी रिपोर्ट कर रही थीं.
लेकिन इससे पहले उन्होंने सेंट्रीफ़्यूज की मुश्किल ट्रेनिंग पूरी की, ताकि ये अंदाज़ा मिल सके कि फ़ाइटर जेट उड़ाने वाले पायलट कितनी भीषण जी-फ़ोर्स का सामना करते हैं.
वीडियो: होसू ली और वोंनजुंग बे
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