Cover Story: क्या पत्रकारों पर शिकंजा कस रहा है पाकिस्तान?
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प्रेस को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है. शायद यही वजह है कि जब लोकतंत्र की सेहत की बात होती है, तो प्रेस की आज़ादी को भी एक बड़ा पैमाना माना जाता है.
पाकिस्तान में इन दिनों प्रेस की आज़ादी को लेकर बहस छिड़ी है. वजह है सरकार का एक क़दम. सरकार मीडिया रेग्युलेशन की ज़रूरत का हवाला देकर पाकिस्तान मीडिया डिवेलपमेंट अथॉरिटी बना रही है, लेकिन इसका पुरज़ोर विरोध भी हो रहा है.
क्या है पाकिस्तान सरकार के इस क़दम के मायने और प्रेस की आज़ादी के पायदान पर बाक़ी देश कहां खड़े हैं... इन सबकी बात आज कवर स्टोरी में.
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