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अफ़ग़ानिस्तान से भागकर ग्रीस पहुंची महिला जजों की दास्तां
अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान की सत्ता कायम हुए दो महीने से ज़्यादा हो गए हैं. इस दौरान पूरे देश में बड़े पैमाने पर क़ैदियों को रिहा किया गया. इनमें से कई को महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध के मामलों में जेल की सज़ा हुई थी. ऐसे क़ैदियों की रिहाई के बाद वो महिला जज छिपकर रहने के लिए मजबूर हैं, जिन्होंने उन अपराधियों को सज़ा सुनाई थी. ऐसी ही 26 महिला जज अफ़ग़ानिस्तान छोड़कर ग्रीस जाने में कामयाब हुई हैं. बीबीसी संवाददाता ज़रग़ुना करगर को भी नब्बे के दशक में पहली बार तालिबान की सत्ता आने पर अफ़ग़ानिस्तान से भागना पड़ा था. एथेंस में उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान से पहुंची महिला जजों से बात की. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी महिला जजों के नाम बदल दिए गए हैं.
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