प्रियंका गांधी की यूपी में सक्रियता, कांग्रेस को मिलेगा फायदा?

प्रकाशित

प्रियंका गांधी का यूपी के दो संसदीय क्षेत्रों अमेठी और रायबरेली से पुराना नाता रहा है. वे अपने पिता राजीव गांधी के अलावा मां सोनिया गांधी और भाई राहुल गांधी के लिए प्रचार करती रही हैं. लेकिन सक्रिय राजनीति में उनका क़दम तभी माना गया, जब वो पूर्वी यूपी की महासचिव बनाई गईं.

अब चर्चाएं इस बात को लेकर हैं कि क्या उन्हें यूपी में पार्टी का चेहरा बना देना चाहिए. इसके संकेत कांग्रेस नेता सलमान ख़ुर्शीद के इस बयान से लिए जा सकते हैं.

जब उनसे ये सवाल पूछा गया कि क्या प्रियंका गांधी राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को टक्कर दे सकती हैं, तो उनका जवाब था, "ये भविष्य ही बताएगा कि चुनाव में जीत किसकी होगी. प्रियंका गांधी का चेहरा उनके (आदित्यनाथ) चेहरे से बेहतर है और यही सच है."

दरअसल लखनऊ में चुनाव संकल्प पत्र को लेकर पार्टी की बैठक हुई थी जिसके बाद ख़ुर्शीद ने कहा था कि प्रियंका गांधी लोगों से मिल रही हैं और उत्तप्रदेश में एक बेहतर सरकार बनने और उसके पारदर्शी ढंग से काम करने का आश्वासन दे रही हैं. उसके बाद उनसे प्रियंका गांधी पर ये सवाल पूछा गया.

रिपोर्ट और आवाज़: सुशीला सिंह

वीडियो: देवाशीष कुमार

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)